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पद का नाम: वाइस प्रेसिडेंट – टेक्निकल सर्विसेज

(Vice President – Technical Services)

जिम्मेदारियाँ (Responsibilities):

  • कंपनी की टेक्निकल सर्विसेज की रणनीति बनाना और उसे लागू करना, ताकि वह बिज़नेस लक्ष्यों और कस्टमर की ज़रूरतों के मुताबिक हो।

  • टेक्निकल सर्विसेज टीम को लीड करना, उन्हें गाइडेंस, मेंटरशिप और परफॉर्मेंस फीडबैक देना, ताकि सर्विस क्वालिटी बनी रहे।

  • मुख्य कस्टमर्स के साथ मज़बूत रिश्ते बनाना, उनकी टेक्निकल ज़रूरतें समझना और उनके लिए सही सॉल्यूशन्स देना।

  • R&D, इंजीनियरिंग और सेल्स जैसी टीमों के साथ मिलकर काम करना, ताकि प्रोडक्ट डेवलपमेंट और कस्टमर सपोर्ट के साथ टेक्निकल सर्विसेज का बेहतर तालमेल रहे।

  • टेक्निकल सर्विस ऑपरेशन्स के लिए बेस्ट प्रैक्टिसेज़ और SOPs बनाना और लागू करना, जिससे काम तेज़, सही और कस्टमर-सैटिस्फैक्शन वाला हो।

  • इंटरनल टीम और बाहरी स्टेकहोल्डर्स के लिए रेगुलर टेक्निकल ट्रेनिंग प्रोग्राम्स कराना, ताकि प्रोडक्ट नॉलेज और टेक्निकल स्किल्स बढ़ें।

  • इंडस्ट्री ट्रेंड्स, नई टेक्नोलॉजी और कस्टमर की ज़रूरतों पर नज़र रखना और प्रोडक्ट व सर्विस में सुधार के सुझाव देना।

  • कस्टमर फीडबैक का एनालिसिस करना और कंटीन्यूअस इम्प्रूवमेंट के ज़रिए सर्विस डिलीवरी बेहतर बनाना।

  • टेक्निकल सर्विस देते समय इंडस्ट्री स्टैंडर्ड्स, नियमों और क्वालिटी सिस्टम्स का पालन सुनिश्चित करना।

  • प्री-सेल्स के दौरान सेल्स और मार्केटिंग टीम को टेक्निकल सपोर्ट देना — जैसे डेमो, प्रेज़ेंटेशन और ट्रेड शो में।

आवश्यक अनुभव (Experience Required):

  • टेक्निकल सर्विसेज में सीनियर लीडरशिप का सिद्ध अनुभव, जैसे VP Technical Services, Director Technical Services या समान पद।

  • संबंधित इंडस्ट्री या टेक्निकल फील्ड में मज़बूत टेक्निकल बैकग्राउंड, प्रोडक्ट्स और सिस्टम्स की गहरी समझ।

  • टेक्निकल सर्विस टीम को सफलतापूर्वक लीड करने और कस्टमर सैटिस्फैक्शन बढ़ाने का अनुभव।

  • बिज़नेस लक्ष्यों के अनुसार टेक्निकल सर्विस स्ट्रेटेजी बनाने और लागू करने का अनुभव।

  • कस्टमर की ज़रूरतों को समझकर उन्हें टेक्निकल सॉल्यूशन में बदलने की क्षमता।

  • बेहतरीन कम्युनिकेशन और इंटरपर्सनल स्किल्स, जिससे अलग-अलग टीमों और कस्टमर्स के साथ तालमेल बने।

  • टेक्निकल ट्रेनिंग प्रोग्राम डिज़ाइन करने और देने का अनुभव।

  • इंडस्ट्री स्टैंडर्ड्स, नियमों और क्वालिटी मैनेजमेंट सिस्टम्स की जानकारी।

  • कंटीन्यूअस इम्प्रूवमेंट और सर्विस क्वालिटी बेहतर करने का ट्रैक रिकॉर्ड।

  • इंजीनियरिंग, कंप्यूटर साइंस या संबंधित टेक्निकल फील्ड में ग्रेजुएशन या मास्टर्स डिग्री।

मुख्य परिणाम क्षेत्र (Key Result Areas – KRAs):

  • टेक्निकल सर्विस स्ट्रेटेजी: बिज़नेस और कस्टमर की ज़रूरतों के मुताबिक टेक्निकल सर्विसेज की योजना।

  • कस्टमर रिलेशनशिप मैनेजमेंट: मुख्य कस्टमर्स के साथ मज़बूत रिश्ते और सही टेक्निकल सॉल्यूशन्स।

  • सर्विस क्वालिटी और एफिशिएंसी: SOPs और बेस्ट प्रैक्टिसेज़ के ज़रिए बेहतर सर्विस डिलीवरी।

  • टेक्निकल ट्रेनिंग: टीम और स्टेकहोल्डर्स की टेक्निकल नॉलेज बढ़ाना।

  • कंटीन्यूअस इम्प्रूवमेंट: फीडबैक के आधार पर सर्विस प्रोसेस में लगातार सुधार।

  • टीमों के बीच तालमेल: R&D, इंजीनियरिंग और सेल्स के साथ बेहतर इंटीग्रेशन।

  • कंप्लायंस और क्वालिटी: सभी टेक्निकल स्टैंडर्ड्स और नियमों का पालन।

  • प्री-सेल्स सपोर्ट: सेल्स और मार्केटिंग के लिए टेक्निकल सपोर्ट।

  • टीम लीडरशिप: टेक्निकल सर्विस टीम का विकास और परफॉर्मेंस मैनेजमेंट।

  • इनोवेशन और इंडस्ट्री नॉलेज: नई टेक्नोलॉजी और ट्रेंड्स के अनुसार सुधार के सुझाव।

मुख्य प्रदर्शन संकेतक (Key Performance Indicators – KPIs):

  • कस्टमर सैटिस्फैक्शन: सर्वे और फीडबैक के ज़रिए संतुष्टि का स्तर।

  • सर्विस रिस्पॉन्स टाइम: टेक्निकल रिक्वेस्ट पर जवाब देने का समय।

  • सर्विस क्वालिटी: फर्स्ट-टाइम रिज़ॉल्यूशन, शिकायत निपटान समय और सिस्टम अपटाइम।

  • कस्टमर रिटेंशन: लंबे समय तक कस्टमर बनाए रखने की दर।

  • ट्रेनिंग इफेक्टिवनेस: ट्रेनिंग प्रोग्राम का असर और फीडबैक।

  • कंटीन्यूअस इम्प्रूवमेंट: सुधार पहलों का असर।

  • डिपार्टमेंट कोलैबोरेशन: टेक्निकल सर्विस और अन्य टीमों के बीच तालमेल।

  • कंप्लायंस: स्टैंडर्ड्स और क्वालिटी सिस्टम्स का पालन।

  • प्री-सेल्स सपोर्ट इफेक्टिवनेस: डेमो और ट्रेड शो में टेक्निकल सपोर्ट की गुणवत्ता।

  • टीम परफॉर्मेंस: टीम की उत्पादकता, ग्रोथ और संतुष्टि।

नोट: अनुभव, KRAs और KPIs संगठन के लक्ष्यों और प्राथमिकताओं के अनुसार बदल सकते हैं।

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