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पद का नाम: वाइस प्रेसिडेंट – मार्केटिंग और सेल्स

(Vice President – Marketing & Sales)

जिम्मेदारियाँ (Responsibilities):

  • कंपनी की ग्रोथ के लिए मार्केटिंग और सेल्स की रणनीति बनाना और उसे लागू करना।

  • मार्केटिंग और सेल्स टीम को लीड करना, उन्हें गाइडेंस, मेंटरशिप और परफॉर्मेंस फीडबैक देना।

  • मार्केट रिसर्च और एनालिसिस के ज़रिए कस्टमर की ज़रूरतें, मार्केट ट्रेंड्स और कॉम्पिटिशन को समझना और उसी आधार पर स्ट्रेटेजी बनाना।

  • इंटीग्रेटेड मार्केटिंग कैंपेन चलाना — डिजिटल मार्केटिंग, विज्ञापन, PR, इवेंट्स और प्रमोशन्स के ज़रिए।

  • अन्य विभागों के साथ मिलकर काम करना, ताकि मार्केटिंग और सेल्स की गतिविधियाँ कंपनी के लक्ष्यों से जुड़ी रहें।

  • मुख्य कस्टमर्स, पार्टनर्स और स्टेकहोल्डर्स के साथ मज़बूत रिश्ते बनाना और बनाए रखना।

  • सेल्स परफॉर्मेंस को मॉनिटर करना, डेटा का एनालिसिस करना और ग्रोथ के नए मौके पहचानना।

  • मार्केटिंग और सेल्स बजट बनाना और उसे सही तरीके से मैनेज करना।

  • इंडस्ट्री ट्रेंड्स, कस्टमर प्रेफरेंस और कॉम्पिटिशन पर नज़र रखना और नए व इनोवेटिव आइडियाज़ सुझाना।

  • मार्केटिंग और सेल्स से जुड़े KPIs ट्रैक करना और रिपोर्ट देना, ताकि लगातार सुधार किया जा सके।

आवश्यक अनुभव (Experience Required):

  • सीनियर लीडरशिप रोल में सिद्ध अनुभव, जैसे VP Marketing & Sales, CMO या समान पद।

  • स्ट्रेटेजिक मार्केटिंग और सेल्स प्लान बनाकर रेवेन्यू ग्रोथ और मार्केट एक्सपेंशन लाने का अनुभव।

  • हाई-परफॉर्मिंग मार्केटिंग और सेल्स टीम को सफलतापूर्वक लीड करने का ट्रैक रिकॉर्ड।

  • डिजिटल मार्केटिंग, ब्रांडिंग, एडवर्टाइजिंग और कस्टमर सेगमेंटेशन सहित मार्केटिंग के सिद्धांतों की गहरी समझ।

  • सेल्स मेथडोलॉजी, टेक्नीक्स और टार्गेट अचीवमेंट का मज़बूत अनुभव।

  • मार्केट रिसर्च, कस्टमर इनसाइट्स और कॉम्पिटिटिव इंटेलिजेंस में अनुभव।

  • बेहतरीन लीडरशिप और इंटरपर्सनल स्किल्स।

  • मजबूत कम्युनिकेशन और प्रेज़ेंटेशन स्किल्स।

  • बजट प्लानिंग और ROI-ड्रिवन मैनेजमेंट का अनुभव।

  • मार्केटिंग, बिज़नेस एडमिनिस्ट्रेशन या संबंधित क्षेत्र में ग्रेजुएशन या मास्टर्स डिग्री।

मुख्य परिणाम क्षेत्र (Key Result Areas – KRAs):

  • रेवेन्यू जनरेशन: असरदार मार्केटिंग और सेल्स रणनीति से आय बढ़ाना।

  • ब्रांड मैनेजमेंट: मज़बूत ब्रांड पहचान बनाना और बनाए रखना।

  • कस्टमर एक्विज़िशन और रिटेंशन: नए कस्टमर जोड़ना और पुराने कस्टमर बनाए रखना।

  • मार्केटिंग कैंपेन: मल्टी-चैनल कैंपेन की प्लानिंग, एग्ज़िक्यूशन और मापन।

  • सेल्स परफॉर्मेंस: सेल्स टीम की परफॉर्मेंस बेहतर बनाना।

  • मार्केट रिसर्च: मार्केट और कस्टमर इनसाइट्स के आधार पर रणनीति बनाना।

  • टीम लीडरशिप: हाई-परफॉर्मिंग टीम बनाना और विकसित करना।

  • कस्टमर रिलेशनशिप: कस्टमर और पार्टनर्स के साथ मज़बूत संबंध।

  • बजट मैनेजमेंट: मार्केटिंग और सेल्स बजट का सही उपयोग।

  • परफॉर्मेंस रिपोर्टिंग: KPIs ट्रैक करना और सीनियर मैनेजमेंट को रिपोर्ट देना।

मुख्य प्रदर्शन संकेतक (Key Performance Indicators – KPIs):

  • रेवेन्यू ग्रोथ: तय किए गए रेवेन्यू टार्गेट्स हासिल करना।

  • कस्टमर एक्विज़िशन और रिटेंशन रेट।

  • मार्केटिंग कैंपेन ROI: CAC, CLV और कुल रिटर्न।

  • सेल्स मेट्रिक्स: कन्वर्ज़न रेट, डील साइज और सेल्स साइकिल।

  • मार्केट शेयर: टार्गेट मार्केट में हिस्सेदारी बढ़ाना।

  • ब्रांड अवेयरनेस: ब्रांड की पहचान और छवि।

  • कस्टमर सैटिस्फैक्शन: फीडबैक और NPS स्कोर।

  • टीम परफॉर्मेंस: टीम डेवलपमेंट और प्रोडक्टिविटी।

  • बजट एडहेरेंस: बजट के भीतर लक्ष्यों की पूर्ति।

  • मार्केट इनसाइट्स: रिसर्च से मिले एक्शन योग्य इनसाइट्स।

नोट: अनुभव, KRAs और KPIs संगठन के लक्ष्यों और प्राथमिकताओं के अनुसार बदल सकते हैं।

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