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पद का नाम: वाइस प्रेसिडेंट – आईटी और सिस्टम्स

(Vice President – IT & Systems)

जिम्मेदारियाँ (Responsibilities):

  • संगठन के बिज़नेस लक्ष्यों के अनुसार आईटी रणनीति बनाना और उसे लागू करना।

  • आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर का पूरा प्रबंधन संभालना — हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर, नेटवर्क और सिस्टम्स सहित।

  • आईटी प्रोफेशनल्स की टीम को लीड करना, उन्हें गाइडेंस, सपोर्ट और परफॉर्मेंस फीडबैक देना।

  • ऑपरेशनल एफिशिएंसी और बिज़नेस प्रोसेस बेहतर करने के लिए नई और इनोवेटिव टेक्नोलॉजी अपनाना।

  • डेटा और सिस्टम की सुरक्षा, विश्वसनीयता और उपलब्धता सुनिश्चित करना, मजबूत साइबर सिक्योरिटी और रिस्क मैनेजमेंट के ज़रिए।

  • अन्य विभागों के साथ मिलकर उनकी टेक्नोलॉजी ज़रूरतें समझना और रणनीतिक सलाह देना।

  • आईटी प्रोजेक्ट्स का प्रबंधन करना — प्लानिंग, बजटिंग, रिसोर्स एलोकेशन और समय पर डिलीवरी।

  • आईटी पॉलिसी, प्रोसीजर और स्टैंडर्ड्स बनाना और बनाए रखना, ताकि कंप्लायंस और डेटा प्रोटेक्शन सुनिश्चित हो।

  • आईटी और सिस्टम्स से जुड़े नए ट्रेंड्स, टेक्नोलॉजी और बेस्ट प्रैक्टिसेज़ से अपडेट रहना।

  • आईटी डिपार्टमेंट में इनोवेशन और कंटीन्यूअस इम्प्रूवमेंट की संस्कृति बनाना।

आवश्यक अनुभव (Experience Required):

  • आईटी और सिस्टम्स में सीनियर लीडरशिप का सिद्ध अनुभव, जैसे VP IT या Director IT।

  • आईटी स्ट्रेटेजी, इंफ्रास्ट्रक्चर मैनेजमेंट और सिस्टम इम्प्लीमेंटेशन में मज़बूत अनुभव।

  • एंटरप्राइज़ आईटी आर्किटेक्चर, नेटवर्क्स, क्लाउड टेक्नोलॉजी और साइबर सिक्योरिटी की गहरी समझ।

  • आईटी टीम को सफलतापूर्वक लीड और मैनेज करने का अनुभव।

  • बजट और टाइमलाइन के साथ आईटी प्रोजेक्ट मैनेजमेंट का अनुभव।

  • आईटी गवर्नेंस, रिस्क मैनेजमेंट और कंप्लायंस की अच्छी समझ।

  • AI, डेटा एनालिटिक्स और ऑटोमेशन जैसी नई टेक्नोलॉजीज़ से परिचित होना।

  • बेहतरीन कम्युनिकेशन और कोलैबोरेशन स्किल्स।

  • मज़बूत प्रॉब्लम-सॉल्विंग और निर्णय लेने की क्षमता।

  • आईटी, कंप्यूटर साइंस या संबंधित क्षेत्र में ग्रेजुएशन; मास्टर्स डिग्री को प्राथमिकता।

  • आईटी स्ट्रेटेजी लागू करने और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन लाने का सिद्ध ट्रैक रिकॉर्ड।

मुख्य परिणाम क्षेत्र (Key Result Areas – KRAs):

  • आईटी स्ट्रेटेजी और प्लानिंग: बिज़नेस लक्ष्यों से जुड़ी आईटी योजना।

  • आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर मैनेजमेंट: सिस्टम्स, नेटवर्क और सॉफ्टवेयर का सुचारु संचालन।

  • साइबर सिक्योरिटी और रिस्क मैनेजमेंट: डेटा और सिस्टम की सुरक्षा।

  • आईटी प्रोजेक्ट मैनेजमेंट: समय और बजट के भीतर प्रोजेक्ट डिलीवरी।

  • टेक्नोलॉजी इनोवेशन: नई टेक्नोलॉजी से ऑपरेशन्स और प्रोसेस बेहतर करना।

  • आईटी गवर्नेंस और कंप्लायंस: नियमों और स्टैंडर्ड्स का पालन।

  • वेंडर मैनेजमेंट: आईटी वेंडर्स और सर्विस प्रोवाइडर्स के साथ बेहतर तालमेल।

  • टीम लीडरशिप: हाई-परफॉर्मिंग आईटी टीम का विकास।

मुख्य प्रदर्शन संकेतक (Key Performance Indicators – KPIs):

  • आईटी रणनीति का बिज़नेस लक्ष्यों से तालमेल और सफल क्रियान्वयन।

  • आईटी सिस्टम्स की उपलब्धता, अपटाइम और परफॉर्मेंस।

  • साइबर सिक्योरिटी की प्रभावशीलता और सुरक्षा घटनाओं की रोकथाम।

  • आईटी प्रोजेक्ट्स की समय पर और बजट में डिलीवरी।

  • नई टेक्नोलॉजी का अपनाना और उसका उपयोग।

  • आईटी गवर्नेंस और कंप्लायंस का पालन।

  • इंटरनल स्टेकहोल्डर्स से पॉज़िटिव फीडबैक।

  • आईटी टीम की ट्रेनिंग, स्किल डेवलपमेंट और संतुष्टि।

नोट: KRAs और KPIs संगठन के लक्ष्यों, इंडस्ट्री और प्राथमिकताओं के अनुसार बदल सकते हैं।

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