पद का नाम: प्रेसिडेंट (President)
जिम्मेदारियाँ (Responsibilities):
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संगठन के पूरे ऑपरेशन्स को रणनीतिक दिशा और निगरानी देना।
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CEO और एक्सिक्यूटिव टीम के साथ मिलकर बिज़नेस स्ट्रेटेजी बनाना और उसे लागू करना।
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सही फैसलों और मजबूत लीडरशिप के ज़रिए संगठन की ग्रोथ और विस्तार को आगे बढ़ाना।
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क्लाइंट्स, पार्टनर्स और इंडस्ट्री लीडर्स जैसे मुख्य स्टेकहोल्डर्स के साथ मज़बूत रिश्ते बनाना और निभाना।
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सभी डिपार्टमेंट्स की परफॉर्मेंस पर नज़र रखकर ऑपरेशनल एक्सीलेंस सुनिश्चित करना।
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मार्केट ट्रेंड्स और कॉम्पिटिशन पर नज़र रखकर नए मौके पहचानना और जोखिम कम करना।
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टीमवर्क और कर्मचारियों के विकास को बढ़ावा देने वाली पॉज़िटिव और समावेशी वर्क कल्चर बनाना।
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इंडस्ट्री इवेंट्स, कॉन्फ्रेंस और मीटिंग्स में संगठन का प्रतिनिधित्व करना।
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CEO और लीडरशिप टीम के साथ मिलकर संगठन के लक्ष्य और उद्देश्य तय करना।
आवश्यक अनुभव (Experience Required):
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सीनियर लीडरशिप रोल में सिद्ध अनुभव, जैसे President, COO या इसी स्तर का पद।
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स्ट्रेटेजिक प्लानिंग, बिज़नेस डेवलपमेंट और ग्रोथ स्ट्रेटेजी को सफलतापूर्वक लागू करने का अनुभव।
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इंडस्ट्री, मार्केट ट्रेंड्स और प्रतिस्पर्धा की गहरी समझ।
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मुख्य स्टेकहोल्डर्स के साथ रिश्ते बनाने और बनाए रखने की सिद्ध क्षमता।
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बिज़नेस ग्रोथ मैनेजमेंट का अनुभव — नए बाज़ारों में विस्तार और नए अवसर पहचानना।
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फाइनेंशियल समझ, जिसमें बजटिंग, फाइनेंशियल एनालिसिस और रिस्क मैनेजमेंट शामिल हो।
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बेहतरीन लीडरशिप और निर्णय लेने की क्षमता, जिससे टीम प्रेरित हो।
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उत्कृष्ट कम्युनिकेशन, नेगोशिएशन और प्रेज़ेंटेशन स्किल्स।
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मज़बूत समस्या समाधान और क्रिटिकल थिंकिंग की क्षमता।
मुख्य परिणाम क्षेत्र (Key Result Areas – KRAs):
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रणनीतिक योजना और क्रियान्वयन: संगठन की स्ट्रेटेजिक प्लानिंग और उसके सफल क्रियान्वयन में योगदान।
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बिज़नेस डेवलपमेंट और ग्रोथ: नए बिज़नेस मौके और पार्टनरशिप के ज़रिए ग्रोथ को आगे बढ़ाना।
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ऑपरेशनल एक्सीलेंस: सभी विभागों में प्रभावी, कुशल और गुणवत्ता-आधारित कामकाज सुनिश्चित करना।
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स्टेकहोल्डर मैनेजमेंट: क्लाइंट्स, पार्टनर्स और इंडस्ट्री लीडर्स के साथ मज़बूत संबंध।
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टैलेंट डेवलपमेंट और टीम बिल्डिंग: हाई-परफॉर्मिंग कल्चर बनाना और टीमवर्क को बढ़ावा देना।
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मार्केट एनालिसिस और रिस्क मैनेजमेंट: मार्केट ट्रेंड्स पर नज़र रखना और जोखिम कम करने के फैसले लेना।
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सहयोग और तालमेल: CEO और एक्सिक्यूटिव टीम के साथ लक्ष्यों का तालमेल बनाना।
मुख्य प्रदर्शन संकेतक (Key Performance Indicators – KPIs):
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रेवेन्यू और प्रॉफिटेबिलिटी: आय और मुनाफ़े के तय लक्ष्यों को हासिल करना।
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बिज़नेस ग्रोथ: मार्केट शेयर, नए कस्टमर और नए बाज़ारों में विस्तार।
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क्लाइंट संतुष्टि: फीडबैक, सर्वे और क्लाइंट रिटेंशन के आधार पर संतुष्टि का आकलन।
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ऑपरेशनल एफिशिएंसी: प्रोडक्टिविटी, लागत नियंत्रण और प्रोसेस सुधार।
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स्टेकहोल्डर रिलेशनशिप: स्टेकहोल्डर्स का भरोसा, जुड़ाव और संतुष्टि।
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एम्प्लॉई एंगेजमेंट: कर्मचारियों की संतुष्टि, जुड़ाव और रिटेंशन।
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मार्केट और कॉम्पिटिटर इनसाइट्स: इंडस्ट्री और प्रतिस्पर्धा पर अपडेट रहना।

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